सरवानिया महाराज सावन मास के अंतिम सोमवार को शिवभक्तों के जनसैलाब और "हर हर महादेव" की जयघोष के बीच राजाधिराज महाकाल की शाही सवारी ने नगर की पवित्र भूमि को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। यह सवारी पुराने शिव मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए काल भैरव मुक्तिधाम तक पहुँची।
इस यात्रा के दौरान पिपली चौक पर ग्राम पंचायत आमलीभाट के बैनर तले श्रद्धा, उत्साह और भक्ति की मिसाल पेश करते हुए पुष्प वर्षा कर सवारी का भव्य स्वागत किया गया। फूलों की वर्षा और भक्तों के जयकारों ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया।
श्रद्धा के रंग में रंगे जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु
इस विशेष अवसर पर कई सम्माननीय जनप्रतिनिधियों और समाज सेवकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिनमें पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्री कारूलाल चौहान, भंवर सिंह ,भंवर खेड़ा, प्रहलाद सिंह चंद्रावत, श्यामलाल धनगर, नरेंद्र भट्ट, सुरेश मेघवाल, राजूलाल धनगर, बद्रीलाल धनगर, कमलेश मेहता, गोपाल सुवा, लक्ष्मीनारायण मालवीय, लोकेंद्र सिंह हाड़ा, विनोद दास , सुनील दास , राजूलाल बंजारा, मदनदास , तथा ग्राम पंचायत के उपसरपंच हरीश कुमार तंवर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
श्रद्धा, संस्कृति और समर्पण का अनुपम संगम
ग्राम पंचायत आमलीभाट द्वारा किया गया यह स्वागत केवल परंपरा का निर्वाह नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और जनमानस के जुड़ाव का प्रतीक बना। पुष्पवर्षा की यह अनूठी पहल श्रद्धालुओं के हृदय में एक अमिट छाप छोड़ गई।जहां होते हैं महाकाल के दर्शन, वहां स्वयं काल भी नतमस्तक होता है।ग्राम पंचायत आमलीभाट की जनता सदैव सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में अग्रणी रही है, और यह स्वागत हमारी आस्था और परंपरा का प्रतीक है। यह जानकारी हरीश कुमार तंवर, उपसरपंच द्वारा दी गई।
