पंकज शर्मा
सावन माँ बिस भूजा मंदिर पहले सै ही सखियों मे रहाँ है यहाँ नवरात्री मै बहूत से लोगो ने अपनी जिव्हा काटकर माँ कै चरणो मै भैट करी है नो दिनो कै बाद जिव्हा वापस आ जाती है ऐसा चमत्कार है सावन मै तालाब कै किनारे भव्य रूप सै बना माँ का मंदिर साथ हि पिछे बड़ा सा तालाब हे जिससे माँ का दूसरा नाम पाल वाली माता भी कहाँ जाता है यहाँ पर सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होती है माँ दिन मै तीन रूप धारण करती है सूबह मासूम रूप दिन मै जवानी का रूप ओर शाम को आरती कै समय बूडिया के रूप मै दर्शन देती है आस पास दूर दरार कै भक्त माँ भादवा कै दर्शन कै बाद सावन मै बस स्टेड पर माँ बिस भूजा कै दर्शन का लाभ लेतै है हजारो साल पुरानी माता जी की पथीमा है पूरानै लोगो का कहना है की ऐसी ही एक मूरत नेपाल में भी स्थित है माँ सभी की मनोकामना पूर्ण करें।
