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महेश वर्मा महेश वर्मा Author
Title: अखिल भारतीय आचार्य ब्राह्मण समाज विकास संगठन न्यास मंदसौर के इतिहास में पहली बार निर्विरोध अध्यक्ष एवं पदाधिकारी 17 को लेंगे शपथ
Author: महेश वर्मा
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जावद दिनांक 17/05/26 को प्रातः 11:00 बजे  शपथ समारोह का आयोजन मुख्य रूप चार प्रत्याशी  चुनावी मैदान मे थे जिन्होंने चुनाव में अध्यक्ष पद के ...




जावद दिनांक 17/05/26 को प्रातः 11:00 बजे  शपथ समारोह का आयोजन मुख्य रूप चार प्रत्याशी  चुनावी मैदान मे थे जिन्होंने चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था उनमें से तीन उम्मीदवार 

   1.श्री राम प्रसाद पिता श्री किशोरलाल जी शर्मा मंदसौर 

   2.श्री सुनील कुमार शर्मा पिता श्री विश्वनाथ शर्मा अठाना 

3. श्री प्रहलाद पिता श्री मूलचंद जी शर्मा सीतामऊ ने अपना नामांकन वापस ले लिया है, अब उम्मीदवार में केवल श्री नरेंद्र जी शर्मा ही शेष रहे हैं जिनके निर्विरोध विजय होने की घोषणा कर 17/05/26 को विजय प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा ।

अखिल भारतीय आचार्य ब्राह्मण समाज विकास संगठन  न्यास मंदसौर के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। संगठन में पहली बार अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चयन हुआ है, जिससे पूरे समाज में उत्साह और हर्ष का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, संगठन के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सहमति से यह निर्णय लिया गया, जो संगठन की एकता, समर्पण और आपसी विश्वास का प्रतीक है। निर्विरोध अध्यक्ष बनने पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन को और अधिक सशक्त, संगठित एवं विकासशील बनाने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।

इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों, गणमान्य नागरिकों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। सभी ने आशा व्यक्त की कि नए नेतृत्व में संगठन समाज सेवा, शिक्षा, संस्कार एवं विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त,एक स्वस्थ परंपरा जिसमें वैमनस्य, प्रतिस्पर्धा की जगह समाज के लिये सेवा और सुधार की शपथग्रहण की जाये। समाज से लेने की जगह देने का संकल्प लिया जाय। जहां द्वेष की जगह प्रेम, अहंकार की जगह विनम्र शालीनता और परस्पर निंदा की जगह सहयोग की सद्भावना हो वह ब्राह्मण समाज वास्तविक ब्राह्मणत्व वाला समाज कहलाता है। निर्विरोध निर्वाचित घोषित होने वाले व्यक्ति को पद-प्रतिष्ठा छोड़ ने वाले अभ्यर्थियों को अपना सहयोगी ,साथी बना कर कार्य भार विकेंद्रीकरण कर समाज में नेकनीयत व श्रद्धा पूर्वक काम करना होगा।साथ ही अब तक जिन लोगों ने समाज की आवाज और शीर्ष नेतृत्व बन कर योगदान दिया है उन्हें पूरे आदर भाव के साथ दिशा दर्शक व सलाहकार मानना चाहिए।नेता वह जो लोगो के दिलों में बसे। दिलदार बन कर बड़ा मन रखते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच अपनी सेवाएं दे। सबको शुभकामनाएं, बधाई।शुभकामनायें।

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