ad

 

महेश वर्मा महेश वर्मा Author
Title: समंदर का दूश्मन कौन? राजकुमार या सखलेचा⚡️खफा तो पार्टी से होना था फिर सखलेचा से दुश्मनी क्या...
Author: महेश वर्मा
Rating 5 of 5 Des:
जावद। जावद में त्रिकोणी मुकाबले के कारण सभी की निगाहे जिले की इसी सीट पर है। जावद में तीन प्रत्याशी दम भर रहे रहे हैं। जिसमें दो तो मुख...

जावद। जावद में त्रिकोणी मुकाबले के कारण सभी की निगाहे जिले की इसी सीट पर है। जावद में तीन प्रत्याशी दम भर रहे रहे हैं। जिसमें दो तो मुख्य पार्टियों से हैं लेकिन एक निर्दलीय है। अब समंदर पटेल ने निर्दलीय लड़ना क्यों सुनिश्चत किया, क्यों कि उन्हें पार्टी ने टिकिट नहीं दिया, लेकिन समंदर पार्टी से बगावत करने के बजाय सीधे-सीधे सखलेचा से फाईट कर रहे हैं। ऐसे लग लग रहा है पर्दे के पीछे रहकर कांग्रेस को सपोर्ट कर रहे है। जबकि पार्टी ने समंदर पटेल को इस लायक ही नहीं समझा कि पार्टी उन्हें टिकट दें, अब जबकि पार्टी ने समंदर पटेल को टिकिट नहीं दिया तो समंदर पटेल को कांग्रेस की खिलाफत करनी थी, लेकिन वे कांग्रेस की खिलाफत न करते हुए भाजपा के प्रत्याशी ओमप्रकाश सखलेचा की खिलाफत कर रहे हैं, तो जनता किसे माने? सखलेचा? राजकुमार या समंदर पटेल को। क्योंकि समंदर पटेल तो सीधे-सीधे ओमप्रकाश सखलेचा को निपटाने लगे हैं! यही बात आम जनता और कार्यकर्ताओं को पच नहीं पा नहीं पा रही है। क्षेत्र की जनता यही कह रही है कि समंदर के पेट में क्या दूख रही है पार्टी से या सखलेचा से? अब ये सारी बाते हाई लेवल की है। किसी की गोटी क्या बैठी है? किसने किससे क्या सेटिंग की है? ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन यदि शिवराजसिंह चैहान माने तो उन्होंने 17 नवम्बर 2018 को रतनगढ में भाषण दिया था कि निर्दलिय उम्मीदवार को वोट देकर अपना वोट खराब न करे। इसके अलावा आज तक शिवराजसिंह चैहान ने अपने सरनेम के पीछे कभी भी कोष्टक में धाकड नहीं लिखा लेकिन अखबारों में छपे विज्ञापन में जानबुझकर उनके सरनेम के पीछे धाकड़ लिखा गया! समंदर पटेल को सीधी लड़ाई कांग्रेस से लड़नी चाही, लेकिन ऐसा नहीं करके वह सीधे सखलेचा को फाईट दे रहे है, इसका मतलब तो सीधा यही है कि राजकुमार अहीर तो इंच न फूट में समंदर की सीधी लड़ाई है, और समंदर पटेल यह जानते भी है कि मुझे सखलेचा से ही हार मिलेगी। 1 नम्बर पर ओमप्रकाश सखलेचा, दूसरे नम्बर समंदर पटेल और तीसरे नम्बर पर राजकुमार अहीर तो फिर राजकुमार का क्या अस्तित्व वो तो फोकट ही भंजी मार रहा है। खैर जो भी हो बाकी ओमप्रकाश सखलेचा ने समंदर पटेल के पसीने छुड़ा रखे है।

About Author

Advertisement

 
Top