खाद की किल्लत ओर किसानों की परेशानी को लेकर सरकार गम्भीर है एक दो दिन में खाद की किल्लत पूर्ण रूप से दूर कर दी जाएगी- सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना
जावद/निम्बाहेड़ा सहकारी समितियों और खाद एजेंसी के सामने लगी किसानों की लम्बी लाइनें और खाद की किल्लत को लेकर शुक्रवार को किसान भड़क गए जिन्हें प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर समझाइश कर शांत किया क्षेत्र में पिछले दिनों यूरिया की किल्लत को लेकर जिस तरह का बवाल मचा उसने सरकार की नींद उड़ा दी है लेकिन बीते दो माह से यूरिया के लिए दुकानों व सहकारी समितियों के चक्कर काटते क्षेत्र के किसानों को अब यूरिया की किल्लत से राहत मिलती दिख रही है उपखंड अधिकारी चम्पालाल जीनगर ने उच्चाधिकारियों से मौके पर ही दूरभाष पर वार्ता कर 2 गाड़ी प्रतिदीन खाद की सप्लाई करने की बातचीत की गई शुक्रवार को एक गाड़ी मारू फर्म के यहां 3 बजे तक भिजवाई गयी,तथा क्षेत्र में नए साल की शुरुआत 1 दिसम्बर से 400 टन यूरिया सप्लाई शीघ्र मिल सकती है,उपखण्ड अधिकारी चम्पालाल जीनगर ने मौके पर ही डिप्टी डायरेक्टर राठौड़ से बात कर कहा कि क्षेत्र में खाद की कमी को नए साल की शुरुआत में ही समाप्त कर दिया जाएगा,, सहकारी समिति पर खाद की समस्या और किसानों के एकत्रित होने की सूचना पर केबिनेट मंत्री उदयलाल आँजणा के निजी सचिव रजनीश गोठवाल ने पहुंच कर उपखण्ड अधिकारी चम्पालाल जीनगर और सहकारी समिति प्रभारी सौभाग सिंह से मुलाकात कर खाद की समस्या को तुरंत हल कराने हेतु आवश्यक कदम उठाकर सप्लाई सुचारू करने की कहा, उपखण्ड अधिकारी जीनगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार कनेरा में खाद वितरण हेतु 8 और 9 टन के कट्टो से भरी 2 ट्रक्स पहुंच चुकी है,ओर वितरण शुरू होने वाला है,,,,,खाद डीलर्स ओर,क्षेत्र में ग्रामीण समितियों एवं खाद की दुकानों पर भी पर्याप्त यूरिया की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है जिससे किसानों की लाइने खत्म सी होने लगी शाम होते क्रय विक्रय सहकारी समिति एवं कई दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में खाद रहा लेकिन खरीदने वाले किसानों की संख्या गिनी चुनी नजर आई। किसानों को बिना परेशानी मांग अनुरूप भरपूर खाद मिला ऐसे में एक-एक कट्टे यूरिया के लिए कतारों में लगे रहे किसानों के चेहरों पर भी राहत झलक उठी उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में बीते दो माह से किसान यूरिया खाद के बंदोबस्त के लिए खासे परेशान थे अल सुबह से रात तक किसान यूरिया के बंदोबस्त में जुटे रहे। लेकिन कहीं भी किसानों को मांग अनुरूप खाद नहीं मिला। एक-एक कट्टे खाद के लिए भी किसानों को कतारों में पसीना बहाना पड़ा लेकिन अब पर्याप्त मात्रा में खाद आने के बाद किसानों की परेशानी दूर होने लगी है शाम तक भी यहां चार सौ से ज्यादा कट्टे नहीं बिक पाए शनिवार को यहां छह ट्रकों में फिर यूरिया आने वाला है ऐसे में लग रहा है नए साल की शुरुआत में किसानों को यूरिया की किल्लत से राहत मिलेगी तथा किसानों को बिना लाइनों में लगे मनमाफिक खाद मिलने ओर यूरिया की किल्लत पूर्ण रूप से समाप्त होने की सम्भावना है।
