नीमच जिले में अचानक ठंड बढ़ गई हैं लेकिन इसका असर सबसे ज्यादा दिल के मरीजों पर हो रहा है आईसीयू से लेकर ओपीडी में सीने में दर्द के रोगियों की संख्या बढ़ गई है शनिवार को भी पांच हार्ड अटैक के मरीज भर्ती हुए हैं जबकि बीते बीते 5 दिनों में इस रोग के 30 मरीजों ने इलाज कराया है डॉक्टरों का कहना है कि ठंड की वजह से हर साल हॉट मरीजों की संख्या में 10 से 20% तक बढ़ जाती है वैसे तो ठंड के कारण सर्दी खांसी उल्टी बुखार के मरीज भी बढ़ रहे हैं ओपीडी में ओपीडी में पर्चियां बनवाने से लेकर दवा लेने के लिए मरीजों को लाइन में लगना पड़ रहा है रोजाना लगभग 500 मरीज इलाज कराने के लिए आ रहे हैं बीते 5 दिनों में लगभग 15 रोगियों में मौसमी बीमारियों का इलाज करवाया है इनमें से करीब 800 महीने में दर्द वाले थे कई मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया गया लगातार मरीजों की संख्या बढ़ने से वार्ड में रंगों की कमी होने लगी है गत 2 वर्षों में जिला अस्पताल में हार्ट अटैक के कारण 42 मरीजों की मौत हुई थी।
*हार्ट अटैक के पूर्व लक्षण*
*गर्दन में बाई ओर दर्द होना
*कांधे और हाथों में तेज दर्द होना *जबडो में भी असहनीय दर्द होना
*हार्ट अटैक से कैसे बचें*
*धूम्रपान तंबाकू का सेवन ना करें
*अल्कोहल का सेवन ना करें *ज्यादा देर बैठकर काम ना करें *धूप निकलने पर ही टहलने जाए
ठंड बढ़ने से ब्लड गाढ़ा हो जाता है और नारी सिकुड़ जाती है जिससे नसों में ब्लड प्रवाह में रुकावट होने लगती हैं लोगों का खान-पान भी हो जाता है और फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं जिससे सांस लेने में परेशानी आती हैं और अटैक की गिरफ्त में आ जाते है काम के साथ खान-पान का ध्यान रखें बीमारी से बचा जा सकता है ।
डॉ. एन के गोयल (चिकित्सक जिला अस्पताल नीमच)
