जावद भारतीय सुभाष सेना महिला इकाई द्वारा स्थानीय भाम्भी मोहल्ला स्थित सुभाष सेना कार्यालय के पास सामुदायिक कथा स्थल पर कल गुरुवार को सावित्री बाई फूले का 188 वां जन्मदिवस बच्चों संग मनाया गया। इस मौके पर अपने विचार प्रकट करते हुए भारतीय सुभाष सेना महिला इकाई अध्यक्ष उमा राठी ने कहा कि हमारे देश को सावित्री बाई फुले ने बहुत कुछ दिया वो समाज के मजबूर व वंचितों की आवाज थीं। आगे उन्होंने कहा की भारत की पहली महिला शिक्षिका, समाज के दबे कुचले एवं वंचितों के हक और अधिकार के लिए सारा जीवन संघर्ष करने वाली माता सावित्रीबाई फुले को उनके जन्मदिवस पर हम शत-शत नमन करते हैं। आज जरूरत है कि युवा पीढ़ी संकल्पित होकर उनके पदचिन्हों पर चले। समाज में ऐसे लोग आज भी हैं जो अपने हक के लिए आवाज उठाने की स्थिति में नहीं हैं हमें वैसे आदमी का आवाज बनना होगा और उन्हें हक दिलाना होगा एवं फुले दंपती ने जो बदलाव की लकीर खींची थी उसे और आगे तक बढ़ाने का संकल्प हमें लेना होगा।
भारतीय सुभाष सेना अध्यक्ष नारायण सोमानी ने कहा कि महिलाओं पर ज्योतिबा फुले व उनकी स्वनाम धन्या पत्नी सावित्री फुले का उपकार है कि उन्होंने एक सामान्य परिवार में जन्म लेकर न केवल स्वयं को शिक्षित किया वही स्त्री शक्ति जागरण का प्रेरणादायी काम किया। वे पहली महिला शिक्षिका थी जिन्होंने दलितों एवं पिछड़ी जाति की महिलाओं को न केवल शिक्षित करने का काम किया वही उन्हें समान अधिकार दिलवाने के आंदोलन को नई दिशा दी। इस मोके पर भारतीय सुभाष सेना महिला इकाई के अध्यक्ष उमा राठी, भारतीय सुभाष सेना अध्यक्ष नारायण सोमानी, सचिव फकिरचंद्र मालवीय, मंजु मालवीय, कमला धाकड, निकिता धाकड, कुसुम धाकड, कशिश भाम्भी, प्रतिमा मालवीय, पायल भाम्भी, किरण धाकड, शिवांगी धाकड, किरण भाम्भी, कृष्णा मालवीय, रौनक धाकड आदी बालिकाएं मोजूद थे।
