मनासा । भारतीय संविधान को अनेकों द्रष्टिकोण से समझने व चिंतन के उद्देश्य के मद्देनजर गांधी 150 श्रृंखला कार्यक्रम के तहत मनासा तहसील के ग्राम पिपलिया हाड़ी के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में संविधान के रास्ते कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।इस अवसर पर इसी स्कूल की पूर्व छात्रा एवं डिप्टी कलेक्टर के पद पर नव चयनित कुमारी टीना मालवीय का स्वागत भी गाँधी 150 की टीम व स्कूल के समस्त शिक्षार्थियो व शिक्षकों द्वारा किया गया व संविधान के प्रस्तावना की प्रति भेंट की ।इस अवसर पर स्कूल में छात्रों के बीच चर्चा करते हुए कार्यक्रम संयोजक महेश नंदवाना ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है जो भारत के सभी धर्म, जाति, और सम्प्रदाय के लोगों को बराबर हक़ और अधिकार देती है. भारत की राजनीति भारतीय संविधान के अनुसार तय होती है,भारत में धर्म, जाति, भाषा, बोली, क्षेत्र, संस्कृति की विविधता व्यापक रूप से देखि जा सकती है जो संविधान की एकता के साथ आपस में जुड़ी हुई है।आपसी एकता व बंधुत्व से तहज़ीब रखने वाले भारत देश का मंजर आज कुछ और है, सवाल ये खड़ा होता है की आज कितने प्रतिशत लोग संविधान को अच्छे से जानते हैं ? संविधान पे भरोसे की बात बाद में आती है. आज लोग संविधान को पढ़ते और समझते कम है और लोगों से सुनते ज्यादा हैं। धार्मिक और जातिय आस्था ने संविधान पे लोगों का भरोसा कम जरूर किया है पर आज भी भारतीय राजनीति का आधार संविधान ही है।प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं मानवाधिकार आयोग सदस्य विजय बैरागी ने इस अवसर पर किताब पर गीत गाते हुए बच्चों को समझाया कि भारत में संविधान के लागु होने के साथ ही इनके मूल्यों को समाज में लागू करने और कराने की कोशिश लगातार जारी है। संविधान में कहा गया है ” राष्ट्र का कोई धर्म नहीं है लेकिन किसी व्यक्ति का अपना धर्म हो सकता है।” कोई भी वैचारिक सोच रखने, स्वतंत्र होकर अपनी बात कहने का अधिकार भारतीय संविधान हर नागरिक को देती है
इस अवसर पर टीना मालवीय ने कहा कि मैं मेरे गांव, समाज व क्षेत्र के पड़ने वाले सभी बालिकाओं के लिए हर संभव सहायता का वादा करती हूँ और मैं चाहती हूं कि यहाँ के बच्चे हर विधा में आगे आये व जागरूक नागरिक बनकर संविधान के रास्ते आगे बढ़ें । बच्चों को संविधान के रास्ते चलकर सामाजिक लक्ष्यों को प्राप्त करने व समता मूलक समाज की स्थापना की शपथ दिलाई ।
इस अवसर पर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल हाड़ी पिपलिया के प्राचार्य, शिक्षक व कई नागरिकगण उपस्थित थे ।
