भोपाल (मप्र) एमपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं सोमवार से होने जा रही है. इस दौरान 793 परीक्षा केंद्रों में धारा 144 लगाई जा सकती है.इसके साथ ही नकल रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पूरी प्रशासनिक तैयारी कर ली है.इस दौरान प्रशासन इस तरह की शिकायत मिलने वाले केंद्रों पर पैनी नजर बनाए रखेगा.इसके अलावा नकल की शिकायत मिलने पर विशेष जांच कराई जाएगी. सूत्रों का कहना है कि ऐसे मामलों में मान्यता देने या केंद्र खत्म करने की कार्रवाई हो सकती है.
*कलेक्टरों को लिखा गया है पत्र*
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 793 परीक्षा केंद्रों में धारा 144 लगाने के लिए सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा गया है. इसके अलावा संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की गई.
*2 और 3 मार्च से शुरू हो रही है परीक्षाए*
एमपी बोर्ड के 12वीं की परीक्षाएं दो मार्च से शुरू हो रही है और 10 वीं की 3 मार्च से. इसको लेकर एमपी माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जिला प्रशासन के सहयोग से सारी तैयारियां पूरी कर ली है. परीक्षा केंद्रों पर निगरानी को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए है.वहीं, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए वीडियोग्राफी औऱ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है.इस दौरान नकल को रोकने और सुरक्षा में कहीं कोई चूक ना रह जाए इस पर ख्याल कर माशिमं ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर धारा 144 लगाने की अपील की है.
*नकल रोकने के लिए मांगा गया है प्रशासनिक सहयोग*
बताया जा रहा है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने नकल रोकने के लिए कलेक्टरों से सहयोग मांगा है. माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सभी जिलों के कलेक्टर को पत्र लिखकर ये मांग की है कि परीक्षाओं के मद्देनजर संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर धारा 144 लगाई जाए.
*19 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी होंगे शामिल*
गौरतलब है कि एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में पूरे प्रदेश से कुल 19,38,308 परीक्षार्थी शामिल होंगे. इसमें 12वीं की परीक्षा में 8लाख 1हजार 864 कैंडिडेटस शामिल है. वहीं, 10वीं की परीक्षा में 11 लाख 28 हज़ार 316 स्टूडेंट्स शामिल होंगे. 10वीं की परीक्षा के लिए प्रदेश भर में 3936 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. जबकि 12वीं के परीक्षा के लिए 3659 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. इन परीक्षा केन्द्रों में से संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की संख्या 257 है. वहीं 536 केन्द्र अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की गिनती में है. इन सभी केन्द्रों पर माशिमं ने जिला प्रशासन को चिठ्ठी लिखकर धारा 144 लगाने की मांग की है.
*शिकायत पर होगी सख्त कार्रवाही*
सूत्रों का कहना है कि एमपी बोर्ड का पूरा फोकस इस बात को लेकर है की परीक्षा में कोई भी विद्यार्थी नकल ना कर पाए. नकल रोकने के लिए खासा प्रयासों में इस बात का भी चर्चा की गई है कि जिन केंद्रों पर नकल या अनियमितता की शिकायतें मिलेंगी तो मंडल उसकी विशेष जांच कराएगा. जांच के दौरान यदि नकल की बात सामने आती है तो वैसे स्कूल की मान्यता या केंद्र खत्म करने की कार्रवाई की जाएगी.
*इन जिलों में होगी विशेष निगरानी*
पूरे राज्य भर में लगभग एक दर्जन जिले ऐसे है जिन्हें अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों के वर्ग में रखा गया है. इनमें इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, रीवा, श्योपुर सहित कुछ अन्य जिले ऐसे है, जहां विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए है.।
