कमलेश धाकड़ की रिपोर्ट
जावद देश मैं चलती महामारी कोरोना बीमारी के बीच किसानों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है एक तरफ प्रदेश में लगभग सभी मंडीया बंद है। मंडिया बंद होने का असर देश के अन्नदाता पर पड़ रहा है बाजार में भाव नहीं मिल रहे हैं सोदा पत्रक के माध्यम से कुछ मंडियां चल रही है उन मंडियों में भी किसान को उचित दाम नहीं मिल रहा है सौदा पत्रक से किसान और व्यापारी दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है एक तरफ किसान नमूना ले जाता है अपनी फसल का उस फसल में व्यापारी द्वारा सौदा कर लिया जाता है अगर किसी कारण वश किसान के माल में थोड़ी बहुत माल की मात्रा हल्की हुई हुई तो व्यापारी और किसान दोनों ही परेशानी में आ जाते हैं व्यापारी माल को लेने से मना कर देता है और किसान को वापस अपने घर आना पड़ता है सोदा पत्रक किसानों फसल की वैरायटी का फर्क पड़ रहा है किसान अपनी फसल की वैरायटी मशीन में ही बना सकता है वह मशीन प्रत्येक किसान के पास उपलब्ध नहीं है सोदा पत्र के माध्यम में लहसुन कभी सौदा हो रहा है वह काफी हद तक है असफल हो रहा है विशेषकर लहसुन का सौदा भी सोदा पत्रक के माध्यम से हो रहा है लहसुन की प्रत्येक पौधे की वैरायटी में फर्क होता है उसी प्रकार उसके प्रत्येक गांठ कहै या अपनी मालवीय भाषा में गाटिया कहे, माल का सौदा नहीं हो पा रहा है ।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को उनकी फसलों का अधिक से अधिक मूल्य दिलाने के उद्देश्य से मंडी अधिनियम में कई संशोधन किए हैं। इनके लागू हो जाने से अब किसान घर बैठे ही अपनी फसल निजी व्यापारियों को बेच सकेंगे।
