जावद/नीमच जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर लगभग 23 उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया है लेकिन मुख्य रूप से साथ में द्वारों पर सब की नजर टिकी हुई है आखिरकार व समय आ ही गया जब विधानसभा चुनाव के परिणाम और प्रत्याशियों के दावों की हकीकत सामने आ जाएगी सभी के अपने अपने दावे हैं लेकिन हकीकत क्या है और कौन जीतेगा या ईवीएम में बंद है विधानसभा के परिणामों के नतीजे सामने आने में कुछ ही घंटे बचे हैं नीमच और मनासा में मुख्य टक्कर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच हैं जबकि जावद में कांग्रेसमें हुई बग़ावत के कारण त्रिकोणीय संघर्ष के आसार बन रहे हैं इसी विधानसभा पर रोचक मुकाबला देखा जा रहा है क्योंकि पिछली बार कांग्रेस या तीसरे नंबर पर पहुंच गई थी इस बार फिर तलवार के चलते दोनों पार्टियों की साख दांव पर लगी हुई है तीनों विधानसभा उम्मीदवारों के भाग्य के साथ मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ राजस्थान तेलगाना मिजोरम के सियासी भाग्य का पिटारा खुलेगा मतगणना के लिए निर्वाचन आयोग से लेकर पार्टी और प्रत्यक्ष तैयारी कर ली है एग्जिट पोल के नतीजों तमाम प्रयासों का दौर खत्म होने को है कि पांच राज्यों में किसके सिर सजेगा ताज इसका इंतजार सभी को है नीमच में कांटे की टक्कर दिलीप सिंह परिहार एवं सत्यनारायण पाटीदार के रहेगी मनासा में माधव मारू एवं उमराव सिंह गुर्जर के बीच आमना सामना रहेगा।
जावद में त्रिकोणीय संघर्ष ओमप्रकाश सकलेचा जो कि जावद विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र कुमार सकलेचा के पुत्र और तीन चुनाव से जीत रहे ओमप्रकाश सकलेचा को लगातार चौथी बार आजमाया गया है लंबे समय से एक ही चेहरा होने के चलते भाजपा या नुकसान उठा सकती है एवं कांग्रेस के राज कुमार हित कांग्रेसमें पिछला चुनाव बागी होकर लड़े राजकुमार अहीर को टिकट दिया है इससे नाराज होकर कद्दावर नेता समंदर पटेल ने बगावत कर निर्दलीय रूप में उम्मीदवारी जताई है जिसका नुकसान कांग्रेस को मिल सकता है। कांग्रेस से निर्दलीय उम्मीदवार समंदर पटेल को अगर समाज की एकजुटता होने के कारण सभी मतदान मिले तो समंदर भाई बाजी मार सकते हैं ।
