नीमच। समीपस्थ ग्राम रेवली देवली मैं आज रात्रि में एक बंदर की मौत हो गई। जिससे गांव में जैसे ही पता चला एक शोक की लहर गांव में छा गई। देखते ही देखते गांव के युवा बंदर के पास जमा होते गए और बंदर के दाह संस्कार की चर्चा जोरों पर चल पड़ी। अंतिम संस्कार के लिए बंदर को सजाया गया तथा उस की शवयात्रा बैंड बाजे के साथ पूरे गांव में निकालने की तैयारी की गई। जैसे-जैसे बंदर की शवयात्रा का कारवां गांव में घूमने लगा वैसे वैसे जनता का हुजूम उमड़ने लगा क्या बच्चे क्या बूढ़े क्या जवान सभी की आंखें नम थी पूरे गांव में जैसे-जैसे शवयात्रा जा रही थी वैसे वैसे महिलाएं साफे अगरबत्ती रुपए नारियल चढ़ाने के लिए आतुर हो रही थी। कुछ ने तो नोटों की माला बनाकर तक पहनाई लोगों में श्रद्धा के भाव देखते ही बन रहा था रहा था जैसे-जैसे गांव में घूम रहे थे सैकड़ों की संख्या में साफे पगड़ी बंदर को लोग बैठ कर रहे थे मानो किसी इंसान की अर्थी जा रही हो। एक अजीब सी क्रिया को आने जाने वाले हजारों की संख्या में लोग देख रहे थे। रेवली देवली के युवाओं द्वारा किया गया यह कार्य आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। बंदर का अंतिम संस्कार बालाजी मंदिर रेवली देवली के मैदान में किया गया जिसमें सैकड़ों की संख्या में युवागण थे। अंतिम संस्कार के दौरान शोकसभा में अनेक वक्ताओं ने अपने अपने वक्तव्य दिए साथ ही बंदर के समाधि स्थल के लिए अनेक दानदाताओं ने मंदिर निर्माण के लिए अपनी ओर से भेट की शव यात्रा में यह हुये शामिल विष्णु पंडित गणपत पहलवान डॉक्टर किशोर नागदा नागेश नागदा दशरथ मेनारिया लाला नागदा रतन नागदा खत्री राहुल नागदा दीपक नागदा शंकर नागदा गोपाल कुमावत अर्जुन नागदा दिनेश नागदा अर्जुन नागदा हीरालाल कुमावत जितेंद्र नागदा रूद्र राहुल नागदा आदि।
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» रेवली देवली में ऐसा क्या हुआ कि गांव में फैली शोक की लहर, बड़ी खबर...
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