निम्बाहेड़ा। सवा माह पूर्व छात्रा का गला घोंटकर हत्या के मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया है। छात्रा ने अपने पैर पर आरोपित का मोबाइल नंबर लिख लिया था, जो पुलिस के लिए मददगार बना।
थानाधिकारी हिमांशु सिंह ने बताया कि गत 18 फरवरी को निम्बाहेड़ा कस्बे की साकरियां पुलिया के पास एक युवती का शव मिला था। उसका चेहरा कुचला हुआ था। उसकी शिनाख्त फतेहपुरा अरनोद निवासी प्रियंका के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उक्त युवती गर्भवती पाई गई। पुलिस टीम महेंद्रसिंह, चंद्रकरणसिंह हरविंदसिंह, लालाराम और साइबर सेल से राजकुमार सोनी की टीम गठित कर अनुसंधान किया गया। पुलिस ने अरनोद से निम्बाहेड़ा तक के करीब 60-70 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। इस दौरान पता चला कि प्रियंका 17 फरवरी को घर से प्रतापगढ़ तक बस में बैठकर आई थी। जहां से अपने किसी परिचित के साथ रवाना हुई। अगले दिन 18 फरवरी को उसका शव निम्बाहेड़ा में मिला।
पुलिस ने अनुसंधान करते हुए छात्रा की हत्या के आरोप में उसके पड़ोस में रहने वाले लालू पिता गौतम को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर दिया। आरोपित ने बताया कि प्रियंका का किसी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उससे फोन पर बात करती है। इसी का फायदा उठाकर ब्लैकमैल करने के इरादे से धमकी देकर अपने घर बुलाकर उससे दुष्कर्म किया। प्रियंका गर्भवती हो गई। गर्भपात कराने के लिए प्रियंका को प्रतापगढ़ बुलाकर उसका मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया। बाइक पर बिठाकर प्रतापगढ़ से धरियावाद, बानसी, मंगलवाड़ होते हुए सांवलियाजी से निम्बाहेड़ा आया। इस बीच प्रियंका को शक होने पर मोबाइल फोन मांगा, नहीं देने पर उसने विरोध किया तो उसको साकरियां पुलिया के पास तार से गला रेत दिया और सिर पत्थर से कुचल दिया। इससे पूर्व मृतका को शक होने पर उसने मोबाइल नंबर पैर पर लिख लिया था, जिससे उसकी शिनाख्त हुई और हत्या का राज खुला।
