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महेश वर्मा महेश वर्मा Author
Title: शिक्षकों के रिक्त पदों का खामियाजा, छात्रों व शिक्षकों को पड़ रहा है भुगतना.....
Author: महेश वर्मा
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नीमच - म. प्र. में शिक्षा सत्र 2019-20  दिनांक  24.06.2019 से विधिवत शुरु हो चुका हैं। बच्चों को पुस्तकें प्राप्त हो चुकी  हैं, विद्य...


नीमच - म. प्र. में शिक्षा सत्र 2019-20  दिनांक  24.06.2019 से विधिवत शुरु हो चुका हैं। बच्चों को पुस्तकें प्राप्त हो चुकी  हैं, विद्यालय में जुलाई माह से छात्रों की उपस्थिति भी लगभग 90% होने लगी हैं। शिक्षकों  ने अपने पूर्ण  प्रयासों से शासकीय विद्यालयों में नामांकन भी अधिक से अधिक कर लिये हैं। अब कक्षा संचालन में शिक्षकों के रिक्त पद खलल डाल रहे है। शिक्षक के पास इसका कोई विकल्प नही हैं। पूर्व में स्थानीय स्तर पर अतिथि शिक्षकों को रखने के आसान नियम थे जिससे तत्काल पद पूर्ति संभव थी। जब से आन लाइन आवेदन व केन्द्रीकृत व्यवस्था अमल में आयी तब से अतिथि शिक्षकों को भर्ती की लंबी व जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। समय पर रिक्त पद पूर्ति न होने से पालको का एक ही प्रश्न हैं विद्यालय के प्रधान से की आखिर आपके विद्यालय के अन्य अतिथि शिक्षक विद्यालय मे पढाने क्यो नही आ रहे हैं ? इस पर संस्थाप्रधान निरूत्तर है। इसके दुष्परिणाम सामने आने लगे है। बड़ी मशक्कत से निजी संस्थानों से जो बच्चें अभियान के तहत दर्ज किये थे वे वापस शिक्षकों की कमी के चलते निजी विद्यालयों का रूख करने लगे है। एक बार विधिवत सत्र शुरू होने पर छात्रों का ठहराव प्रभावित होता है तो इसका खामियाजा आगे चलकर न्यून छात्र संख्या के कारण विद्यालय बंद व शिक्षक अतिशेष की स्थिति निर्मित हो रही हैं। आखिर क्यों सत्र के शुरूआत में सरल प्रक्रिया के तहत विद्यालय स्तर पर अतिथि शिक्षक रखे जा रहे है ? जबकि शासनादेश के तहत स्थाई पद पूर्ति होने पर स्वतः ही अतिथि शिक्षकों को मुक्त करने का प्रावधान है। शासन के जिम्मेदार अधिकारी सरकारी स्कूल की व्यवस्था को पूरा करने में देरी करते हैं ? ऐसा लगता है षड़यंत्र पूर्वक अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया लंबित रख कर शासकीय विद्यालयों से पालकों का मोह भंग किया जा रहा है व निजी विद्यालयों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका खामियाजा निर्धन परिवारों एवं शिक्षकों को भुगतने पर विवश होना पड़ रहा है।

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