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महेश वर्मा महेश वर्मा Author
Title: रक्षाबंधन पर्व पर साफ तौर पर दिखी महंगाई की मार, बाजारों में नहीं दिखी रौनक,लगातार बरसात ने भी डाली भाई बहनों के बीच खलल, फिर भी रक्षा का धागा बांध कर रक्षा का दिया वचन.......
Author: महेश वर्मा
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 दशरथ माली चीताखेडा-12अगस्त। भाई बहन के अटूट प्रेम बंधन व अटूट विश्वास एवं समर्पण का प्रतिक रक्षा बंधन पर्व पर बहनों ने भाई की कलाई पर रक्षा...




 दशरथ माली

चीताखेडा-12अगस्त। भाई बहन के अटूट प्रेम बंधन व अटूट विश्वास एवं समर्पण का प्रतिक रक्षा बंधन पर्व पर बहनों ने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर श्रीफल व उपहार सहित अपनी रक्षा का संकल्प भाई से प्राप्त किया एवं मुंह मीठा कर रक्षा बंधन पर्व गुरुवार को सादगीपूर्ण माहौल में मनाया गया। भद्राकाल से 2दिनों से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व।

ग्रामीण अंचलों में कल सुबह से दोपहर बाद तक  बारिश ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई बहन के अटूट रिश्ते में व्यवधान उत्पन्न करने का भरसक प्रयास किया, परंतु फिर भी भाई बहन के वचन के सामने नहीं चली बरसात की। बरसात के कारण  दिन  में बाजारों में नहीं दिखी रौनक व चहल पहल, बरसात के चलने से देर तक लेट पहुंची है बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए अपने पियर से देर से पहुंची ।  इस शुभ वैला में महिलाओं द्वारा अपने घरों में मंदिर, पूजा स्थल पर विराजमान प्रतिमाओं के राखी बांधकर परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि की कामना की।शौकाकुल परिवारों में एक दिन पूर्व शौक की राखी बांध शौक निवारण कार्यक्रम किया गया। पूर्व भद्रा काल से 2 दिनों से मनाया रक्षाबंधन का त्योहार कहीं क्षेत्रों में बहनों ने भाई की कलाई पर शुभ मुहूर्त के समय रात्रि को बांधा रक्षा का सूत्र तो कहीं जगहों पर सुबह में मनाया रक्षाबंधन का त्योहार रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है लेकिन इस बार का रक्षाबंधन असमंजस भरा रहा क्योंकि भद्रा काल फिर ऊपर से सुबह से झमाझम बारिश के दौर में फसी बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए आतुर दिखी मुहूर्त आते ही बहनों ने भाइयों की कलाइयो पर राखी बांधी रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम को दर्शाता है ।बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर मुंह मीठा कर उपहार के साथ लिया सुरक्षा का वचन बहनों ने भाइयों की आरती उतार कर अपने बहनों को तोहफे देकर इस प्रेम को मजबूत बनाया।रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर अपने- अपने देवों के स्थल पर पहुंच कर श्रृद्धा के साथ राखी बांधी और पकवानों का भोग लगाकर सुख-समृद्धि और उन्नति का आशीष लिया। रक्षाबंधन के त्यौहार को लेकर उत्साह दिखा। गांव के बस स्टैंड, चैनपुरा चौराहा पर सजी राखीयों की दुकानों पर दिल्ली से आई राखीयां रुद्राक्ष, रेशमी धागा सहित कई तरह की राखीयां सजी हुई थी। बच्चों के लिए छोटाभीम,बालहनुमान,डोरेमान आदि कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां आयी जो बच्चों को आकर्षित कर रही थी।

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