भाद्रपद मास आज यानि 12 अगस्त से आरंभ हो चुका है. कल यानि 13 अगस्त को भाद्रपद मास का पहला शनिवार है।भाद्रपद मास का पहला शनिवार कल है, इस दिन शनि देव को ऐसे करें प्रसन्न
2022 भाद्रपद मास को विशेष माना गया है. सावन के बाद भाद्रपद मास आता है. इसे भादो मास या भादो का महीना भी कहते हैं. इस मास में शनि देव की पूजा विशेष फल प्रदान करने वाली मानी गई है. 13 अगस्त को भादो मास का पहला शनिवार भी है और कई शुभ संयोग भी बन रहे हैं।
भादो कब से कब तक है-
पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास छठा और चातुर्मास का दूसरा महीना है. भाद्रपद मास का समापन 10 सितंबर 2022 को होगा. इसे भादवा के नाम से भी जाना जाता है।
शनि देव की पूजा का महत्व-
भादो मास में शनि देव का विशेष महत्व बताया गया है. भाद्रपद मास में ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म आता है, जिसे कृष्ण जन्माष्टमी कहते हैं. शनि देव भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त हैं. इस कारण इस मास में शनि देव की पूजा विशेष फलदायी मानी गई है।
मकर राशि में शनि वक्री हैं
मकर राशि में शनि गोचर कर रहे हैं. मकर राशि शनि की अपनी राशि है. यानि शनि इस राशि के स्वामी हैं. लेकिन इस समय शनि वक्री हैं, यानि शनि उल्टी चाल चल रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि जब वक्री होते हैं तो पीड़ित हो जाते हैं. इस समय 5 राशियों पर शनि की विशेष दृष्टि है-
मिथुन राशि- शनि ढैय्या
तुला राशि- शनि ढैय्या
धनु राशि- शनि साढे़ साती
मकर राशि- शनि साढे़ साती
कुंभ राशि- शनि साढे़ साती
भाद्रपद मास में इन 5 राशियों को शनि को शांत करने के लिए विशेष पूजा करनी चाहिए।
शनि के उपाय -भादो मास में शनिवार और जन्माष्टमी के दिन विशेष पूजा करने से शनि प्रसन्न होते हैं. भादो मास में गलत कामों को करने से बचना चाहिए और जरूरतमंद और गरीबों की मदद करनी चाहिए और उन्हें दान आदि देना चाहिए।
