जावद/कनेरा मेवाड-मालवा अंचल की सीमा पर प्रसिद्ध तीर्थस्थल एवम् संत शुकदेव मुनि की तपस्थली सुखानंद महादेव के निकट स्थित श्री गोपाल कृष्ण गौशाला एवम् कल्पवृक्ष धाम परिसर मे चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दुसरे दिन प. लवकुश शास्त्री ने कहा कि गौमाता की सेवा ही सबसे बडी सेवा है,गौ सेवा ही गोपाल सेवा है जैसे कपडा मैला हो जाता है तो उसको धोने के लिये साबुन की जरुरत पडती है वैसे ही जीवन मे मन को धोने के लिये सत्संग रुपी साबुन एवम् राम नाम रुपी साबुन की जरुरत पडती है। व्यक्ति को जीवन मे भजन एवम् भोजन दोनो की जरुरत पडती है। जिनका मन निर्मल हो जाता है वहा परमात्मा निवास करते है। मां की महिमा की चर्चा करते हुए कहा कि गणेश जी महाराज ने माता पिता की परिक्रमा करके प्रथम स्थान पर पुज्य हुए उसी प्रकार से माता पिता की सेवा करने से चारो धाम की सेवा हो जाती है। शुकदेव मुनि की जन्म की कथा बताते हुए सुखानन्द महादेव की महिमा भी बताई। भगवान के चौबीस अवतारो का भी विस्तारपुर्वक वर्णन किया। कथा के दौरान प्रस्तुत भजन नाथ तुम अनाथो के नाथ भोलेनाथ एवम् चली जा रही है उमर धीरे धीरे.....की प्रस्तुति पर भक्तजन नृत्य करने लगे। कथा के दौरान सैंकडो महिला पुरुष उपस्थित थे।
गौमाता की सेवा ही सबसे बडी सेवा-शास्त्री ...
Title: गौमाता की सेवा ही सबसे बडी सेवा-शास्त्री ...
Author: महेश वर्मा
Rating 5 of 5 Des:
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जावद/कनेरा मेवाड-मालवा अंचल की सीमा पर प्रसिद्ध तीर्थस्थल एवम् संत शुकदेव मुनि की तपस्थली सुखानंद महादेव के निकट स्थित श्री गोपाल कृष्...
