नीमच मंदिर परिसर के 2012 में बना मास्टर प्लान 15 करोड़ रुपए की लागत का है। इसके तहत अप्रैल 2012 से काम शुरू हुए। 25 मई 2017 को मंदिर से लगी समाजों की धर्मशालाओं को लेकर नपती संबंधी काम हुआ लेकिन बाधाएं दूर करने पर सहमति बनाने में परेशानी कायम रही। इसे लेकर शुक्रवार को आस्था भवन में नायब तहसीलदार जाबिर हुसैन की उपस्थिति में मास्टर प्लान के संबंध में धर्मशाला संचालकों, समाज प्रमुखों की बैठक हुई। इसमें समाजों की धर्मशालाओं के लिए सावन रोड पर जमीन देने तथा धर्मशालाओं को प्रशासन द्वारा ही तोड़ने का प्रस्ताव रखा। लेकिन समाज अध्यक्षों ने मुआवजे की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस को अस्वीकार कर दिया। धर्मशाला अध्यक्ष गुर्जर समाज से महेश गुर्जर, पाटीदार समाज के अंबालाल पाटीदार, सौंधिया राजपूत के नवसिंह, मेघवाल समाज के भेरुलाल मेघवाल, फूलमाली समाज के नंदकिशोर पटेल, घाणावर तेली समाज अध्यक्ष मोड़ीराम राठौर, भादवामाता संस्थान के प्रबंधक अजय ऐरन मौजूद थेे।
*पदाधिकारियों ने रखी शर्त:-* ‘नई जमीन के साथ बनाने के लिए मुआवजा भी दिया जाए , प्रशासन ने कहा: 1 शर्त मंजूर लेकिन मुआवजा देना संभव नहीं
*2 चरणों में हटेंगी 11 समाजों की धर्मशालाएं, 4 समाजों की पहले हट चुकीं*
मास्टर प्लान के तहत पहले रावत समाज धर्मशाला, जोशी समाज, नाई सेन समाज व धनगर-गायरी समाज की धर्मशाला हट चुकी। प्लान मुताबिक शेष काम 2 चरणों में किया जाना है। पहले चरण में खटीक समाज, मेघवाल समाज, वीर गुर्जर समाज, सौंधिया राजपूत समाज व पाटीदार समाज की धर्मशाला तथा दूसरे चरण में अग्रवाल समाज, घाणावर तेली समाज, फूलमाली समाज, सगरवंशी माली समाज, बावरी समाज व नायक समाज की धर्मशाला हटाई जाएगी।
