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महेश वर्मा महेश वर्मा Author
Title: नगर के निजी विद्यालयों में अध्यनरत बच्चों को लाने व ले जाने वाले वाहनों में क्षमता से अधिक बैठाए जा रहे है बच्चे,कई स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर नही लगी है,खिड़कियों पर जाली...
Author: महेश वर्मा
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नीमच शाशन द्वारा 24 जून को स्कूल शुरू करने के आदेश के बाद नगर के समस्त शाशकीय व निजी स्कूल प्रारंभ हो गए है।शुरू दिन स्कूल पहुंचे बच्च...

नीमच शाशन द्वारा 24 जून को स्कूल शुरू करने के आदेश के बाद नगर के समस्त शाशकीय व निजी स्कूल प्रारंभ हो गए है।शुरू दिन स्कूल पहुंचे बच्चे काफी उत्साहित दिखाई दे रहे थे।परन्तु इस सत्र में बच्चों को स्कूल लाने व ले जाने के लिए प्रयुक्त वाहनों को लेकर कोई विशेष सुविधा स्कूल प्रबंधन की और से नही की गई है। चौकाने वाली बात यह रही कि प्रतिबंध के बावजूद भी बच्चों को भेड़ बकरियों की तरह विद्यालय के अधिकृत वाहनों में बैठा कर स्कूल तक छोड़ा गया।जिनमे कुछ वाहनों में तो खिड़कियों पर सुरक्षा की दृष्टि से जालिया भी नही लगी थी।जिससे वाहन के अंदर से कई बच्चे बाहर की और झाँकते व झुंड में गिरते हुए  नजर आ रहे थे।
*क्षमता से अधिक बैठाए जा रहे बसों व अन्य वाहनों में बच्चे,नही होती इन वाहनों पर वैधानिक कार्यवाई*
बच्चों को स्कूल छोडऩे में अधिकांशत: स्कूल बसों का ही उपयोग होता है। हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक बस या ऑटो में सीटों की संख्या से अधिक बच्चों को नहीं बैठाया जा सकता है। इसके बाद भी एक सप्ताह से शुरू हुए विद्यालययों में अधिकृत बस या ऑटो अनगिनत बच्चों को बैठाया जा रहा है। चौकाने वाली बात यह है कि चालक अपनी सीट पर भी बच्चों को बैठाकर ले जा हैं। बच्चों के साथ उनके भारी भरकम बैग भी ऑटो में बाहर की ओर लटका दिए जाते हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि बस या ऑटो में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर चालक मुख्य सड़क व पुलिस चौकी के सामने से गुजर जाते हैं ,और वैधानिक कार्रवाई नहीं होती। जिसमे वेन में स्कूली बच्चों को बैठाने पर तो पूरी तरह से रोक लगी हुई है।बच्चों में सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रबंधन की और से बसों के संचालन व बैठे बच्चों पर नजर रखा जाना चाहिए।

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