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महेश वर्मा महेश वर्मा Author
Title: सिटी पुलिस की बड़ी कार्रवाई 25 किलो अफीम जब्त, एक गिरफ्तार पढ़ें पूरी खबर
Author: महेश वर्मा
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नीमच। पुलिस ने एक ट्रक से 25 किलो अफीम जब्त की है। मौके से एक तस्कर को पकड़ा है। उससे अफीम के संबंध में पूछताछ की जा रही है। यह बड़ी...


नीमच। पुलिस ने एक ट्रक से 25 किलो अफीम जब्त की है। मौके से एक तस्कर को पकड़ा है। उससे अफीम के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
यह बड़ी कार्रवाई नीमच सिटी पुलिस ने की है। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद नीमच सिटी टीआई नरेंद्र सिंह ठाकुर ने टीम की मदद से महू-नसीराबाद हाई-वे के जेतपुरा फंटे पर घेराबंदी की और नीमच से राजस्थान की और जा रहे ट्रक क्रमांक जीजे- 06 टीटी-9419 को रोका और तलाशी ली तो पुलिस टीम चौंक गई। ट्रक के केबिन से 25 किलो अफीम बरामद हुई। इस पर ट्रक को जब्त कर अफीम सहित चालक को हिरासत में लिया। अफीम तस्करी के आरोप में ग्राम बामनोर जिला बाड़मेर राजस्थान के पुनाराम पिता लुंबाराम चौधरी (28) को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया। बड़ी मात्रा में अफीम पकड़े जाने के बाद पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
मप्र से राजस्थान जा रही थी अफीम -
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अफीम की यह खेप मप्र से राजस्थान की और जा रही थी। मप्र के इसी क्षेत्र से अफीम जुटाने और इसे राजस्थान पहुंचाने का काम किया जा रहा था लेकिन इसे पुलिस ने नाकाम कर दिया। इस तस्करी में गुजरात पासिंग ट्रक का इस्तेमाल भी पुलिस का ध्यान बंटाने के लिए किया जा रहा था।
..और एक सवाल अब तक बरकरार -
मप्र के नीमच, मंदसौर और रतलाम जिले के जावरा में अफीम की खेती होती है। इसी क्षेत्र से सालों से अफीम, डोडाचूरा व अन्य मादक पदार्थ की तस्करी होती है। इसे रोकने के लिए जिला पुलिस, मप्र पुलिस की नारकोटिक्स विंग, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो और अन्य एजेंसियों के स्तर पर कार्रवाई होती है। इसके बाद भी अब तक कार्रवाई सिर्फ तस्करी में उपयोग होने से कोरियर बॉय पर होती है। अफीम, डोडाचूरा और मादक पदार्थ देने व लेने वाले और काले कारोबार में लिप्त लोग कार्रवाई से बच निकलते हैं। यहीं कारण है कि तस्करी का यह काला कारोबार निरंतर जारी है। समय के साथ चर्चा भी सामने आती है कि तस्करी में लिप्त लोगों से जिम्मेदार एजेंसियों के अधिकारी और कर्मचारी लाखों व करोड़ों रुपए का लेन देन किया जाता है। पूर्व में जिम्मेदार एजेंसियों के कर्मचारियों की संलिप्तता भी तस्करी में सामने आई है। सालों बीतने के बाद भी तस्करी के इस खेल पर प्रभावी तरीके से अंकुश नहीं लग सका है। कार्रवाई कोरियर बॉय से आगे नहीं बढ़ पाई है। अब देखना होगा कि इस मामले में कार्रवाई कहां और किस स्तर तक पहुंचती है..!

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