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महेश वर्मा महेश वर्मा Author
Title: मप्र में कर्मचारियों के आर्थिक मामले,"अग्रिम" नुकसानी के निर्णय लेने में; "फिसड्डी" फायदा देने में.....
Author: महेश वर्मा
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नीमच कर्मचारियों के आर्थिक मामले में "मप्र सरकार" केंद्र के नुकसान देने वाले निर्णय लागू करने में एक पैर पर तैयार रहती है।...


नीमच कर्मचारियों के आर्थिक मामले में "मप्र सरकार" केंद्र के नुकसान देने वाले निर्णय लागू करने में एक पैर पर तैयार रहती है। ठीक इसके उलट फायदा पहुँचाने वाले निर्णय में फिसड्डी साबित हो रही है। उक्त आरोप मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष कन्हैयालाल लक्षकार ने चस्पा करते हुए बताया कि संकट का असर पूरे देश के साथ प्रदेश के सभी कर्मचारियों पर समान है। केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को जुलाई 2019 तक के डीए डीआर 17% स्वीकृत कर निरन्तर भुगतान कर रही है, साथ ही जनवरी 2016 से सातवें वेतनमान के देय एरियर की राशि दो किश्तों में भुगतान किया जा चुका है। लेकिन मप्र सरकार ने कोविड 19 के चलते लगभग एक वर्ष पूर्व जुलाई 2019 से मिलने वाले 5% डीए को स्थगित कर दिया जो केंद्रीय कर्मचारियों को भुगतान किया जा रहा है, उसे राज्य में डेढ़ वर्ष पूर्व जनवरी 2019 से 12% ही दिया जा रहा है। साथ ही सातवें वेतनमान के आधार पर देय एरियर तीन किश्तों में भुगतान के आदेश के बावजूद तीसरी अंतिम किश्त जो मई 2020 में भुगतान होना थी, उस पर भी कुंडली मार ली है। केंद्र सरकार ने जनवरी 2020 से जुलाई 2021तक (प्रति छः माह) की तीन डीए/डीआर किश्तों पर संचयी प्रभाव से रोक लगाई है। निश्चित ही इसे मप्र सरकार उत्साह से लागू करेगी, साथ ही एक कदम आगे बढ़कर 17% डीए/डीआर के बजाय 12% पर रोक लगाते हुए सातवें वेतनमान की तीसरी व अंतिम किश्त भुगतान को भी स्थगित करने से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को हजारों रुपयों का नुकसान हो रहा है इससे भारी नाराजगी व आक्रोश व्याप्त हैं। कोरोना काल में कर्मचारियों ने सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर महामारी से लड़ने में अहम भूमिका निभाते हुए जंग में बंटे हुए है, यथायोग्य आर्थिक मदद भी की है। ऐसे में प्रोत्साहित करने के बाजाय आर्थिक नुकसान पहुँचाने के अप्रिय निर्णय से कर्मचारियों का मनोबल कमजोर हुआ है, जो न्यायोचित नहीं है। "मप्र तृतीय वर्ग शास कर्म संघ" शासन से मांग करता है कि जो भुगतान केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को किया है वहाँ तक का एरियर व डीए डीआर भुगतान कर कर्मचारियों की नाराजगी दूर करनें का कष्ट करें। कोरोना काल को कर्मचारियों के आर्थिक नुकसान का अवसर मान कर बेजा फायदा न उठाया जाए; निर्णय पर पुनर्विचार करने का कष्ट करे ऐसा "संवेदनशील शिवराज सरकार" से अपेक्षा है।  

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